इतिहास की तैयारी कैसे करें

इतिहास की तैयारी कैसे करें

जैसा कि आप सभी जानते हैं कि इतिहास विषय को तीन भागों में बांटा गया है
1- प्राचीन इतिहास
2- मध्यकालीन इतिहास
3- आधुनिक इतिहास
मेरे विचार से अध्ययन की दृष्टि से इतिहास को चार भाग में बांट लीजिए चौथा भाग है स्वतंत्रता संग्राम का ।
अक्सर लोग इसे आधुनिक इतिहास से ही पढते हैं यह कई तथ्यों को आपसे दूर रखता है इसलिए इसका अलग अध्ययन करें।

प्राचीन इतिहास

प्राचीन इतिहास में क्या महत्वपूर्ण है और हमें किन बातों को छोड़ देना चाहिए।
प्राचीन इतिहास से प्रश्नों की संख्या काफी कम होती है जबकि पढने के लिए बहुत कुछ है।
आइए देखते हैं
पाषाण काल को छोड़ सकते हैं
सिन्धु सभ्यता से एक भी चीज को छोडना घातक हो सकता है
वैदिक काल को ठीक से देखना होगा एक प्रश्न निश्चित है । विशेष तौर पर बुद्ध और उनसे सम्बन्धित सभी तथ्य।
भारत के महान शासकों में से एक सम्राट अशोक मौर्य वंश से सम्बन्धित हैं अतः मौर्य वंश और मौर्योत्तर काल दोनों पर ही ध्यान देना होगा।
यही बात गुप्त वंश के सम्बंध में भी कहुँगा।
दक्षिण भारत के साम्राज्य और उनके वंश आप छोड़ नहीं सकते एक दो प्रश्न निश्चित ही 24 सितम्बर को आपके सामने आने वाले हैं इसके लिए कोई विकल्प नहीं है। चोल वंश से लेकर संगम युग तक सभी को देखें।
प्राचीन इतिहास के सभी Era के आर्थिक एवं राजनीतिक पक्षों को ध्यान से पढिए किसने कौन सा सिक्का चलाया सिक्के पर क्या छपा था, छपी छवि का क्या अर्थ था, किस वंश में कौन किसकी पूजा और क्यों करता था , किसने क्या बनवाया क्यों बनवाया , कौन किसी वंश का संस्थापक था कौन किसके वंश का समकालीन था ।
और भी बहुत कुछ है जो पढना है बस यह ध्यान में रखकर पढना है कि
कब , क्यों , किसने, कहाँ, कौन  आदि पर ध्यान देना है।
और हाँ प्राचीन इतिहास के साहित्य और स्थापत्य कला को देखना बिल्कुल मत भूलिए।
विशेष नोट-: घटना चक्र पूर्वावलोकन अथवा पूर्व प्रश्न पत्र का अध्ययन आपका 80% काम कर देगा।

मध्यकालीन इतिहास

बात करें मध्यकालीन इतिहास की तो मध्यकालीन इतिहास में क्या छोड़ा जा सकता है और क्या नहीं इस बारे में स्वयं पेपर बनाने वाला भी असमंजस में रहता है इसलिए इतिहास के इस भाग का अध्ययन हमें पूर्ण रूप से करना होगा। क्योंकि इसमें कहाँ से और क्या पूछा जाएगा इस बात की चिंता छोडकर सब कुछ पढना है और कंठस्थ करना है।
क्या क्या पढना है ?
आपकी सुविधा के लिए सबसे महत्वपूर्ण से कम महत्वपूर्ण टॉपिक निम्नलिखित हैं
1-मुगल वंश
2- दिल्ली सल्तनत
3- भारत पर विदेशी आक्रमण
4- सूफी व भक्ति आन्दोलन
5- प्रांतीय (स्वतंत्र) राज्य
इस क्रम से मध्यकालीन इतिहास को देखें जिसमें तत्कालीन राजनीतिक आर्थिक और सामाजिक स्थिति का अध्ययन करें।
किस वंश की स्थापना किसने की , किसे किस उपनाम से जाना जाता है, किसने क्या कब और क्यों बनवाया,  किसने कौन सा कर लगाया,  किसकी कब्र कहाँ पर है, कौन किसके समकालीन था।
कुल मिलाकर सबकुछ।
पिछले वर्षों में आए प्रश्न रट लीजिए वह प्रश्न आए या न आए एक समझ जरूर विकसित हो जाएगी। कि कौन सा प्रश्न कैसे आता है क्या पढना है आदि।
ज्ञान प्रकाशन और किरण प्रकाशन की पतली सी किताबों में बडी ही अच्छी तरह से इतिहास को संकलित किया गया है । रट लीजिए।

आधुनिक इतिहास

और अंत में आधुनिक इतिहास कहने को तो यह सबसे कम समय का इतिहास है लगभग 300 वर्ष का किन्तु परीक्षा की दृष्टि से देखें तो यह अपेक्षाकृत सबसे बडा है पढने के लिहाज से और प्रश्नों के लिहाज से भी।
प्रारम्भिक परीक्षा में इतिहास में सबसे अधिक प्रश्न आधुनिक इतिहास से ही आते हैं उसमें भी स्वतंत्रता आन्दोलन में से अधिक
इस भाग के विषय में यदि यह कहूँ कि यह पढिए यह छोड़ दीजिए तो शायद मैं आपको धोखा दूंगा लेकिन स्मार्ट स्टडी तो करनी ही होगी।
सबसे पहले आप जितने भी वायसराय/गवर्नर हैं सबके कार्यकाल सहित उस काल में जितने भी क्रियाकलाप हुए हैं सबको कंठस्थ कर लीजिए 40% आधुनिक इतिहास तैयार हो जाएगा।
धार्मिक आन्दोलन से एक प्रश्न हर वर्ष आता है विशेष रूप से राजा राम मोहन रॉय , पढ लीजिए।
महात्मा गाँधी जी से जुड़े सभी तथ्य आपको याद होने चाहिए।
स्वतंत्रता संघर्ष के काल की पत्र- पत्रिकाऐं किसने लिखी कब लिखी , किसने कब किस संस्था की स्थापना की, किसने किसे किस नाम से संबोधित किया, किसने कौन सी उक्ति कही यह सब रट लीजिए ।
सभी क्रान्तिकारियों के सम्बंध में तथ्य एकत्रित करके याद कर लीजिए ।
यह सब करके आप परीक्षा के 90% प्रश्न हल कर सकते हैं।
घटना चक्र पूर्वावलोकन रटना अनिवार्य है
यदि किसी के पास वैकल्पिक इतिहास के प्रश्न पत्र की पुस्तक है जो तब की है ( जब सीसैट नहीं लागू था और सामान्य अध्ययन के साथ एक वैकल्पिक विषय का प्रावधान था ) तब उसे और कुछ पढने की आवश्यकता नहीं होगी वह किताब घोंट कर पी लीजिए 100% प्रश्न हल होंगे सम्पूर्ण इतिहास के।
धन्यवाद