NCERT Kaise Padhein

एन सी ई आर टी कैसे पढ़ें  How To Read NCERT

For IAS PCS SSC and other Government Exams

सभी इस तथ्य से परिचित हैं कि अगर मकान की नींव कमजोर होती है तो मकान भी कमजोर ही होगा। और अगर मकान की नींव मजबूत है तो वह निःसंदेह मजबूत होगा।
ठीक यही बात सिविल सेवा की तैयारी में भी लागू होती है।
सिविल सेवा परीक्षा की नींव उसकी बुनियाद NCERT को माना जाता रहा है और इसकी उपयोगिता कभी भी समाप्त नहीं हो सकती।
इसलिए आज हम इसी नींव को कैसे मजबूत कर सकते हैं इसी पर चर्चा करेंगे।

NCERT पढते क्यों हैं:-

एक प्रश्न सभी के मन में आता है विशेषकर नए अभ्यर्थियों के मन में कि हमें NCERT पढने की आवश्यकता पडती ही क्यों है। जबकि बहुत सी ऐसी पुस्तकें बाजार में उपलब्ध हैं जिसमें NCERT के मटेरियल को बहुत ही बेहतर तरीके से एकत्रित किया गया है तो वही पढकर अपना समय क्यों न बचा लें। NCERT क्यों?
दोस्तों इन पुस्तकों की अपनी कुछ विशेषताएँ हैं जो इन्हें सबसे अलग और सबसे महत्वपूर्ण स्थान दिलाती हैं
यह पुस्तकें वास्तव में छोटे बच्चों के लिए लिखी गई है इसलिए इसकी भाषा शैली समझाने वाली है।
इन पुस्तकों की भाषा अत्यंत सरल है इसलिए यह बहुत ही जल्दी समझ में आ जाती है।
यह बहुत ही अधिक बारीकी से लिखी गई पुस्तकें होती हैं।
यह गहन शोध के बाद विषय के विशेषज्ञों के द्वारा लिखी जाती है।
इनमें त्रुटियाँ की कोई संभावना नहीं है।
मुश्किल से मुश्किल अवधारणा आसानी से समझ में आ जाती है
कुल मिलाकर आपको अपनी सिविल सेवा की तैयारी का आरम्भ NCERT की पुस्तकों से ही करना चाहिए यदि आप अपनी अवधारणात्मक समझ को विकसित करना चाहते हैं।

नई NCERT से पढ़ें या पुरानी से:-



यह प्रश्न आजकल अभ्यर्थियों द्वारा बहुतायत में पूछा जाता है कि नई NCERT लें या पुरानी ।
इसका एकमात्र उत्तर है कि कोई फर्क नहीं पड़ता है कि आप पुरानी प्रयोग करें या नई कुछ खास फर्क नहीं पडता।

कौन कौन सा विषय पढ़ें NCERT का और किस कक्षा का
पहले कौन-कौन सा विषय कवर करना है इसके बारे में बात करते हैं ।

  1. इतिहास
  2. भूगोल
  3. विज्ञान
  4. राजव्यवस्था
  5. अर्थव्यवस्था आदि
यह वह मुख्य विषय हैं जिनका अध्ययन IAS , PCS और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अनिवार्य है। कक्षाओं की बात करें तो सभी विषयों की कक्षा 6 से 12 तक की पुस्तकें आपके पास होनी ही चाहिए।

कैसे पढें NCERT ?

NCERT को सही ढंग से पढकर न केवल आप अपनी अवधारणात्मक समझ को विकसित करते हैं बल्कि अपना बहुमूल्य समय भी बचा लेते हैं।  वैसे तो कई विद्वानों ने कई तरीके बताए हैं लेकिन उनमें से कौन सा तरीका आपको अपनाना है यह आपको स्वयं ही निश्चित करना होगा।  
काफी गहन अध्ययन के बाद आपके लिए जो सबसे बेहतरीन तरीका है वह आपको बता रहा हूँ इस आशा के साथ कि आपके लिए यह अत्यंत लाभदायक सिद्ध होगी।
आपको किसी एक विषय को उठाना है और 6 से 12 कक्षाओं तक की सभी पुस्तकें क्रमवार पढना है। 
यह पढाई इस प्रकार की हो जिसमें आपको कुछ समझना नहीं है बस कहानी की एक किताब की तरह पढ़ते जाना है लेकिन यहाँ यह अवश्य ध्यान देना है कि बेमन से पढें मन लगाकर पढें। यह आपकी पहली रीडिंग होगी । 
दूसरी रीडिंग में आप  प्रत्येक पाठ को समझते हुए आराम से पढें काफी कुछ आपको समझ में आने लगेगा। 
तीसरी रीडिंग में और अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है कि कहीं कुछ छूट तो नहीं गया है आपसे या कोई ऐसी बात जो आपको पिछली रीडिंग में समझ में नहीं आई थी वह इस बार समझ में आ जाएगी।
विश्वास कीजिये कक्षा 6 की पाठ्य पुस्तक में लिखी एक एक बात अब तक आपको समझ में आ चुकी होगी।
अब यही क्रम अगली कक्षा में अपनाइए और इसी तरह पूरा विषय क्रमवार समाप्त कीजिए।  अंत में अपने शब्दों में आप अपने काम की बातें नोट्स बनाकर लिख लीजिए। 
एक विषय समाप्त करने में आपको लगभग 20 दिन लग सकते हैं इसलिए धैर्य बनाकर रखें। 

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यह लेख पढने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। 

जैनेन्द्र कुमार 








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