RO ARO Examination Strategy

RO ARO Examination Strategy & Prepration Tips


अब आपको अपनी कमर कस लेनी चाहिए और इस मौके को भुनाना चाहिए। तो लग जाइये जोर शोर से ।

लेकिन आप तैयारी करेंगे कैसे इसकी शुरुआत कैसे करेंगे यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न है ।
आपको पता है तो अच्छी बात है नहीं पता तो मैं प्रयास करूँगा कि आपको कुछ बता सकूँ। जिससे आप इस परीक्षा के अन्तिम परिणाम में अपनी स्थिति सुदृढ़ रख सकें।
सबसे पहले आपको जिस तत्व की आवश्यकता पड़ती है वह है इस परीक्षा का पाठ्यक्रम जो नीचे आपकी सेवा में प्रस्तुत है।
यह पाठ्यक्रम मात्र एक पेज का ही है ।लेकिन मित्र आप इसे हल्के में लेने की गलती न करिएगा।
मैं अपने अनेकों लेख में यह बात लिख चुका हूई पुनः इसकी पुनरावृत्ति करता हूँ कि किसी भी परीक्षा को पास करने के लिए आपका सबसे बड़ा हथियार उस परीक्षा का पाठ्यक्रम ही होता है।आपको पाठ्यक्रम पूर्णतः कंटस्थ होना चाहिए।
क्योंकि समीक्षा अधिकारी परीक्षा का पाठ्यक्रम मात्र दो पेज का है इसलिए आप करिए यह कि प्रतिदिन दस मिनट इसे देख लिया करिए।
आपको लगेगा कि कैसे प्रतिदिन इसे देखा जा सकता है ?
जितने भी लोग इस लेख को पढेंगे आपमें से 90% लोग मैं दावे से कह सकता हूँ कि आँखें खुलते ही फेसबुक और व्हाटसएप चेक करते हैं। यह एक गलत जीवन शैली है जब यह गलत जीवन शैली जी सकते हैं तो पाठ्यक्रम देखना आपके लिए बडी बात नहीं हो सकती।
बस मोबाइल को बगल में रखकर सोने के स्थान पर पाठ्यक्रम रख कर सो जाइये सुबह उठकर सबसे पहले उसे ही देखिए।
यह करने से क्या लाभ?
आप जब पाठ्यक्रम कंटस्थ कर लेते हैं तो आपको पूरे परीक्षा कार्यक्रम का ताना बाना पता हो जाता है और आप सही दिशा में अपनी तैयारी के कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हैं।
कहते हैं न कि सही दिशा में की गई मेहनत ही सफल होती है दिशाहीन प्रयास कितना भी अच्छा क्यों न हो व्यर्थ हो जात

RO ARO Syllabus


आप विज्ञापन में देख ही रहे हैं कि निगेटिव मार्किंग होगी जोकि एक अच्छा कदम है। हालाँकि आयोग की कामचोरी करने की आदत को देखें तो थोड़ा संशय हो या है कि हर वर्ष यह 5 के औसत से गलत प्रश्न दे देते हैं तो इतनी बडी जिम्मेदारी क्या उठा लेंगे।
खैर बड़े लोग बड़ी बातें हमसे क्या हम तो पढेंगे निगेटिव मार्किंग करके भी देख लो ।
अब बात ओ लेवल की तो यह पैराग्राफ़ थोड़ा सावधानी और ध्यान देते हुए पढ़ें।
ओ लेवल जहाँ और जिस पोस्ट के लिए अनिवार्य योग्यता है उसके बारे में साफ साफ विशेष योग्यता के कॉलम में लिखा हुआ है । साथ ही अन्य विशेष योग्यताओं के बारे में भी लिखा हुआ है।
इसके अतिरिक्त जितनी भी पोस्ट हैं वह सामान्य स्नातक के लिए हैं।
कुछ लोगों को अभी भी समझ में नहीं आया होगा, दूसरे तरीके से समझिए।
मान लीजिये कि विज्ञापन 100 पोस्ट के लिए आया है (ऐसा है नहीं) जो विभिन्न प्रकार की पोस्ट के लिए सम्मिलित रूप से है , अब कुछ ऐसी पोस्ट हैं जिनके लिए कुछ विशेष योग्यता होनी चाहिए मतलब एकाउंट का काम है तो वह तो कॉमर्स का विद्यार्थी ही कर सकता है ना कोई इतिहास या भूगोल का विद्यार्थी तो नहीं इसलिए ऐसी पोस्ट के लिए विशेष योग्यता का जिक्र अलग से कर दिया है उसके अतिरिक्त भी बहुत सी पोस्ट हैं जिसके लिए विज्ञापन निकला है बस फर्क इतना है कि वह छिपा हुआ है जैसे Knowledge में K सायलेंट है और आप उसे खुद ब खुद नॉलेज पढते हैं क्नालेज नहीं जबकि लिखा क्नालेज ही है।
बिंदास फार्म भरिए किसी की अल्प बुद्धि से बहकावे में न आइयेगा।
ओ लेवल का डिप्लोमा है तो बधाई और नहीं है तो क्या हो गया इतनी मेहनत करिए कि ओ लेवल की जरूरत ही न पड़े।

नौकरी के साथ साथ तैयारी कैसे करें How to Prepare For CIVIL Services with Job

नौकरी और सिविल सेवा 

Job and Civil Preparation 


सिविल सेवा के क्षेत्र में कई साल गुजर गए इन बीते वर्षों में एक सवाल से अक्सर सामना होता रहा है कि “ जॉब में रहते हुए सिविल की तैयारी कैसे करें” ।
इस सवाल के जवाब में बहुत से लोगों दिग्भ्रमित कर दिया जाता है कि यह तो संभव है ही नहीं, है भी तो बडी मुश्किल डगर है , मत जाओ इस रास्ते तुम नहीं कर पाओगे।  ऐसे न जाने कितने ही शब्दों से लोग अभ्यर्थियों को डरा देते हैं।
दोस्तों नौकरी करते हुए तैयारी करना अपेक्षाकृत कठिन अवश्य है लेकिन नामुमकिन बिल्कुल नहीं।  नामुमकिन शब्द तो आप जैसों के लिए बना ही नहीं है आप इस दुनिया में अवतरित हुए हैं तो बस जीतने के लिए।
दोस्तों संघ लोक सेवा आयोग एवं प्रान्तीय लोक सेवा द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षा एक प्रतिष्ठित एवं कठिन परीक्षा है।प्रत्येक वर्ष लाखों युवा इस परीक्षा में अपना भाग्य आजमाते हैं लेकिन अंतिम चयन गिनती के ही कुछ लोगों का होता है। इन गिनती के लोगों में अपना नाम शामिल करवाना थोड़ा सा मुश्किल तो है दोस्तों वह भी अपनी वर्तमान नौकरी के साथ पूरी निष्ठा और ईमानदारी बरतते हुए।
लेकिन जैसा कि ऊपर कहा गया है कि मुश्किल जरूर है नामुमकिन नहीं।
बस हमें कुछ बातों का ध्यान रखना होगा और उन पर अमल करना होगा।
आइये जानते हैं कि हमें किन किन बातों का ध्यान रखने की आवश्यकता है।

परीक्षा की संरचना को समझिए

आप संघ अथवा प्रान्तीय जिस किसी आयोग की परीक्षा की तैयारी करना चाहते हैं उसकी संरचना को समझना अत्यंत आवश्यक है। परीक्षा का प्रारूप उसका पाठ्यक्रम प्रश्न कैसे और कहाँ से आते हैं क्या पढना है कैसे पढना है और कहाँ से पढना है सामग्री की उपलब्धता क्या होगी कहाँ से आप सामग्री एकत्रित कर सकते हैं।कुल मिलाकर सबकुछ। यह क्रिया आपकी तैयारी की नींव को मजबूत करेगी।यह कह सकते हैं कि लगभग 20% तैयारी आपकी इसी क्रिया के द्वारा हो जाएगी या हो सकती है।। इसके लिए आप सम्बंधित परीक्षा का पाठ्यक्रम खरीद सकते हैं और पूर्व वर्षों के प्रश्न पत्र अपने पास व्यवस्थित कर लें। साथ ही किसी ऐसे व्यक्ति से सम्पर्क करें जो पहले से ही तैयारी कर रहे हों और इस क्षेत्र में अच्छा अनुभव रखते हों।

NCERT Kaise Padhein

एन सी ई आर टी कैसे पढ़ें  How To Read NCERT

For IAS PCS SSC and other Government Exams

सभी इस तथ्य से परिचित हैं कि अगर मकान की नींव कमजोर होती है तो मकान भी कमजोर ही होगा। और अगर मकान की नींव मजबूत है तो वह निःसंदेह मजबूत होगा।
ठीक यही बात सिविल सेवा की तैयारी में भी लागू होती है।
सिविल सेवा परीक्षा की नींव उसकी बुनियाद NCERT को माना जाता रहा है और इसकी उपयोगिता कभी भी समाप्त नहीं हो सकती।
इसलिए आज हम इसी नींव को कैसे मजबूत कर सकते हैं इसी पर चर्चा करेंगे।

NCERT पढते क्यों हैं:-

एक प्रश्न सभी के मन में आता है विशेषकर नए अभ्यर्थियों के मन में कि हमें NCERT पढने की आवश्यकता पडती ही क्यों है। जबकि बहुत सी ऐसी पुस्तकें बाजार में उपलब्ध हैं जिसमें NCERT के मटेरियल को बहुत ही बेहतर तरीके से एकत्रित किया गया है तो वही पढकर अपना समय क्यों न बचा लें। NCERT क्यों?
दोस्तों इन पुस्तकों की अपनी कुछ विशेषताएँ हैं जो इन्हें सबसे अलग और सबसे महत्वपूर्ण स्थान दिलाती हैं
यह पुस्तकें वास्तव में छोटे बच्चों के लिए लिखी गई है इसलिए इसकी भाषा शैली समझाने वाली है।
इन पुस्तकों की भाषा अत्यंत सरल है इसलिए यह बहुत ही जल्दी समझ में आ जाती है।
यह बहुत ही अधिक बारीकी से लिखी गई पुस्तकें होती हैं।
यह गहन शोध के बाद विषय के विशेषज्ञों के द्वारा लिखी जाती है।
इनमें त्रुटियाँ की कोई संभावना नहीं है।
मुश्किल से मुश्किल अवधारणा आसानी से समझ में आ जाती है
कुल मिलाकर आपको अपनी सिविल सेवा की तैयारी का आरम्भ NCERT की पुस्तकों से ही करना चाहिए यदि आप अपनी अवधारणात्मक समझ को विकसित करना चाहते हैं।

नई NCERT से पढ़ें या पुरानी से:-


उत्तर प्रदेश पी सी यस पुस्तक सूची Book's for UPPCS

उत्तर प्रदेश पीसीयस पुस्तक सूची
Book's for UPPCS

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नमस्कार मित्रों
प्रस्तुत हूँ कुछ महत्वपूर्ण पुस्तकों के नाम और उनके लेखकों के साथ...!
इस पोस्ट में  प्रारंभिक परीक्षा के साथ-साथ मुख्य परीक्षा के लोकप्रिय विषयों की चर्चा भी की गई है ।

प्रारम्भिक परीक्षा 
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प्रथम प्रश्न पत्र
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इतिहास -- एस.के.पाण्डेय (तीन खण्ड) , ज्ञान प्रकाशन
भूगोल   -- महेश बरनवाल, माजिद हुसैन
विज्ञान   -- ल्युसेन्ट सामान्य विज्ञान
अर्थव्यवस्था-- प्रतियोगिता दर्पण विशेषांक
राजव्यवस्था-- एम.लक्ष्मीकांत
कृषि, पर्यावरण, जनसंख्या-- परीक्षावाणी 
समसामयिक-- प्रतियोगिता दर्पण या क्रानिकल पत्रिका

नोट---
 **इतिहास एवं समसामयिक के अतिरिक्त सभी विषयों के लिए वाणी प्रकाशन की पुस्तकें उपलब्ध हैं उन्हें अवश्य देखें वह विशेष रूप से UPPSC के लिए ही लिखी गई हैं
**घटना चक्र पूर्वावलोकन के प्रश्नों को हल करना उतना ही आवश्यक है जितना दाल में नमक का होना

द्वितीय प्रश्न पत्र
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हिंदी-- सीसैट हिन्दी आदित्य प्रकाशन
अंग्रेजी-- अरिहन्त प्रकाशन
गणित -- महेश मिश्रा
रीजनिंग-- अरिहंत प्रकाशन
निर्णयन , संचार कौशल आदि के लिए घटना चक्र की पुस्तक

इतिहास
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प्राचीन-- झा एवं श्रीमाली
मध्यकालीन-- एच.सी.वर्मा सतीश चन्द्र
आधुनिक-- बी एल ग्रोवर विपिन चन्द्रा सुमित सरकार
विश्व इतिहास -- लालबहादुर वर्मा जैन एवं माथुर

हिन्दी साहित्य
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हिन्दी साहित्य का संक्षिप्त इतिहास- डॉ विश्वनाथ त्रिपाठी,
हिन्दी साहित्य का इतिहास- डॉ नगेन्द्र
हिन्दी भाषा- डॉ हरदेव बाहरी,
छायावाद- डॉ नामवर सिंह
कबीर- हजारी प्रसाद द्विवेदी
कविता के नए प्रतिमान- नामवर सिंह
हिन्दी साहित्य और संवेदना का विकास- डॉ रामस्वरूप चतुर्वेदी

राजनीति विज्ञान
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राजनीति सिद्धांत -संपादक ज्ञान सिंह संधू
बदलती दुनिया में भारत की विदेश नीति भाग एक एवं दो - वी पी दत्ता
भारत में उपनिवेशवाद एवं राष्ट्रवाद- संपादक हिमांशु राय
संयुक्त राष्ट्र संघ - नीना शिरीष
नारीवादी राजनीति- संघर्ष एवं मुद्दे - संपादक- साधना, विवेदिता एवं जिनी
पाश्चात्य राजनीतिक चिंतन - सुब्रत मुख़र्जी एवं सुशीला रामास्वामी
भारतीय संसद-समस्याएँ एवं समाधान - सुभाष कश्यप

दर्शन शास्त्र 
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भारतीय दर्शन – राममूर्ति पाठक एच. पी. सिन्हा
धर्म दर्शन    -- वेद प्रकाश शर्मा एच. पी. सिन्हा
पाश्चात्य दर्शन – सी.डी.शर्मा जगदीश सहाय याकूब मसीह
समकालीन दर्शन – जगदीश सहाय
सामाजिक राजनीतिक दर्शन – ओ. पी. गाबा

रक्षा अध्ययन
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शेखर अधिकारी
रामकृष्ण सिंह
राकेश सिंह
बाबूराम पाण्डेय
रजवंत सिंह
रामकृपाल सिंह
जे एम श्रीवास्तव

समाज कार्य
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सुरेन्द्र सिंह
इनाम शास्त्री
राजाराम शास्त्री
कृपाल सिंह सूडान

आर वी एस वर्मा
राम आहुजा
गुप्ता एण्ड शर्मा

लोक प्रशासन
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लोक प्रशासन के तत्व और सिद्धान्त- बी. एल. फाडिया
लोकप्रशासन- अवस्थी एवं माहेश्वरी
लोकप्रशासन -सुरेंद्र कटारिया
प्रशासनिक-चिंतक -प्रसाद एवं प्रसाद

भूगोल
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भौतिक भूगोल: सविन्द्र सिंह
पर्यावरण भूगोल: सविन्द्र सिंह, हिंदू का पर्यावरण सर्वेक्षण रिपोर्ट
भौगोलिक विचारधरा: माजिद हुसैन
मानव भूगोल: माजिद हुसैन
जनसंख्या भूगोल: वी.पी. पांडा
बस्ती भूगोल व नगरीय भूगोल: बंसल
आर्थिक भूगोल: काशीनाथ सिंह एवं जगदीश सिंह
राजनीतिक भूगोल: दीक्षित
एनसीईआरटी की 6वीं से 12वीं तक की पुस्तकें

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